सड़कें बदहाल, शेड में फॉल्स सीलिंग पर लाखों खर्च!सीएसईबी चौक के काम पर उठे सवाल, नेता प्रतिपक्ष बोले- पहले सड़क और नालियां बनाएं
नमस्ते कोरबा : शहर की सड़कें गड्ढों से जूझ रही हैं कॉलोनियों में बदहाली है और कई मार्गों पर धूल के गुबार लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर नगर निगम सीएसईबी चौक के शेड में फॉल्स सीलिंग लगवा रहा है। करीब 35 लाख रुपये की लागत वाले इस काम की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि निगम बुनियादी जरूरतों को छोड़कर गैरजरूरी कार्यों पर खर्च कर रहा है।
सीएसईबी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल में रुकने वाले लोगों को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेड बनाया गया था। अब इसके भीतर ऊंचाई पर फॉल्स सीलिंग लगाई जा रही है। इस काम के लिए चौक की एक तरफ की सड़क पिछले करीब एक सप्ताह से बंद है, जिससे लोगों को डायवर्सन मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है।
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने काम की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निगम को सबसे पहले सड़कों और नालियों का निर्माण कराना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां उपयोगिता कम और कमीशन की संभावना अधिक होती है, ऐसे काम पहले किए जाते हैं। उनके मुताबिक फॉल्स सीलिंग की फिलहाल जरूरत नहीं है और बारिश में इसके खराब होने की आशंका भी है।
गौरतलब है कि शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए करीब साढ़े 27 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं। स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन भी बारिश थमने के बाद सड़कों का डामरीकरण और विशेष मरम्मत युद्धस्तर पर कराने की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद कई मार्गों पर लोगों की परेशानी बनी हुई है।
महापौर संजू देवी राजपूत का कहना है कि फॉल्स सीलिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। काम पूरा होने के बाद शेड में लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा।
अब काम पूरा होने का इंतजार
सीएसईबी चौक पर शेड निर्माण के बाद फॉल्स सीलिंग लगाने की पहल को लेकर निगम की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर निगम इसे अधूरे काम का हिस्सा बता रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे शहर की वास्तविक जरूरतों से अलग खर्च मान रहा है। अब देखना होगा कि काम पूरा होने के बाद यह व्यवस्था कितनी उपयोगी साबित होती है और लोगों को इससे वास्तव में कितना लाभ मिलता है।












