कांग्रेस ने कलेक्टर के दरबार में खोला विकास का ‘पंचनामा’

Must Read

कांग्रेस ने कलेक्टर के दरबार में खोला विकास का ‘पंचनामा’

नमस्ते कोरबा – ऊर्जा नगरी कोरबा की सड़कों की बदहाली अब सियासी मुद्दा बन गई है। कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं तो कहीं बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। शहर की जर्जर सड़कों और कथित घटिया निर्माण को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदारों पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं नगर निगम में ज्ञापन की प्रतिलिपि सौंपने के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब आवक-जावक शाखा के कर्मचारियों ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि औद्योगिक शहर होने के बावजूद कोरबा की कई प्रमुख सड़कें लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में बदहाल हैं। इन सड़कों से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा और सुविधा के नाम पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। कांग्रेस ने इसे आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।

 **नई सड़क बनी और टूट भी गई, गुणवत्ता पर सवाल**

ज्ञापन में वार्ड क्रमांक 31 (आरपी नगर) में एसईसीएल की परिवर्तित रेलवे लाइन के पास बनाई गई सीसी सड़क को लेकर विशेष सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता तकनीकी निगरानी और जिम्मेदार एजेंसी की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने सड़क की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

 **नगर निगम में ज्ञापन लेने से इनकार, गरमाया माहौल**

कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष जब नगर निगम पहुंचे और ज्ञापन की प्रतिलिपि आवक-जावक शाखा में जमा कराने पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारी ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इस रवैये से कांग्रेस नेता और पार्षद नाराज हो गए। कुछ देर तक मौके पर बहस की स्थिति बनी रही और माहौल गर्म हो गया।

मामला बढ़ता देख एक अधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन लेकर स्थिति को शांत कराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनहित से जुड़े ज्ञापन को स्वीकार करना कार्यालय की सामान्य प्रक्रिया है। इसके बावजूद ज्ञापन लेने से इनकार करना गंभीर लापरवाही है,

 **11 बजे बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे, कांग्रेस ने उठाए सवाल**

इधर कांग्रेस जिला अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सुबह 11 बजे के बाद भी निगम के कई उच्च अधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।ऐसे में आम जनता अपने काम के लिए अधिकारियों से मिलने पहुंचे तो उन्हें किस तरह की परेशानी होती होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कांग्रेस ने अधिकारियों की समय पर उपस्थिति और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर निगम प्रशासन से जवाब मांगा।

 **इन सड़कों की हालत पर भी उठाई आवाज**

कांग्रेस ने सुभाष चौक-आरपी नगर मार्ग, चेक पोस्ट-लालघाट-शिवाजी रोड मार्ग, रिंग रोड-गायत्री मंदिर-बालको नगर बस स्टैंड मार्ग, ध्यानचंद चौक-रिसदा-इमलीछापरा मार्ग, आगरखार चौक-बटगिरी मार्ग, पुष्पलता कॉलोनी-नोनियापारा मुख्य मार्ग, साडा कॉलोनी की आंतरिक सड़कें, सीतामणी-गौ माता चौक-बरबसपुर मार्ग, राताखार मुख्य मार्ग और घंटाघर चौक से हेलीपैड पहुंच मार्ग** की स्थिति सुधारने की मांग की है।

 **गड्ढों से आगे निकली लड़ाई, अब जवाबदेही की मांग**

ज्ञापन में केवल सड़क मरम्मत ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे जमा मिट्टी हटाने, नालियों की सफाई, जल निकासी दुरुस्त करने और दुर्घटनाजनक स्थानों पर सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग की गई है। कांग्रेस ने औद्योगिक परिवहन वाले मार्गों पर भारी वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने तथा सड़क निर्माण में गुणवत्ता की नियमित निगरानी की मांग भी रखी है।

कांग्रेस ने साफ कहा कि सड़क जनता के पैसे से बनती है और जनता की सुरक्षा के लिए होती है। यदि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क टूटने लगे तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क के मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

Read more :- संडे स्पेशल : स्कूल जाना है तो नदी पार करो… सिर्री के बच्चों की ये कैसी ‘विकास यात्रा’ देखिए इस खबर में

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,780SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

महंगाई-बिजली-पानी और बदहाल सड़कों पर कांग्रेस का हल्लाबोल,24 अगस्त को कलेक्टर को ज्ञापन,10 दिन में सुधार नहीं तो निगम कार्यालय का घेराव

महंगाई-बिजली-पानी और बदहाल सड़कों पर कांग्रेस का हल्लाबोल,24 अगस्त को कलेक्टर को ज्ञापन,10 दिन में सुधार नहीं तो निगम...

More Articles Like This

- Advertisement -