नमस्ते कोरबा : डीएसपीएम प्लांट से 132 केवी टॉवर लाइन को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पथर्रीपारा बस्ती में जगह चिन्हित की गई है। इसके लिए पूर्व में चुपके से सर्वे कराया गया। जद में आने वाले कई मकानों को प्रबंधन की ओर से 2 माह पहले मकानों को हटाने नोटिस जारी किया जाना शुरू किया गया था तब बस्ती के लोगों ने विरोध किया था।तब अधिकारी-कर्मचारियों को बिना नोटिस बांटे ही लौट गए थे। वही आज कोरबा प्रवास पर पहुंचे एमडी एनके बिजौरा स्थल निरीक्षण करने अधिकारियों के साथ पथरीपारा पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही वार्ड पार्षद सुनीता राठौर व पार्षद पति मुकेश राठौर समेत बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने बस्ती में टावर लगाने का विरोध करते हुए सर्वे के लिए पहुंचे अधिकारियों को वीआईपी रोड पर ही रोक दिया।
बस्तीवाले बस्ती को उजाड़ कर टावर लगाने का विरोध करते रहे। विरोध को देखते हुए एमडी समेत अन्य अधिकारी भी हड़बड़ा गए वह बिना सर्वे कर मौके से लौट गए।
टॉवर लाइन को शिफ्ट करने की यह है वजह
डीएसपीएम प्लांट में 132 केवी की पुरानी टॉवर लाइन है। उसे बाहर शिफ्ट कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए एफजीडी सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। उक्त बिजली टॉवर लाइन बंद हो चुकी 200 मेगावॉट के स्विच यार्ड तक जाएगी।
इसलिए किया जा रहा है टॉवर लाइन का विरोध
गाइडलाइन के अनुसार टॉवर लाइन के नीचे मकान या दुकान नहीं होनी चाहिए। जबकि डीएसपीएम प्लांट से लगे सीएसईबी की जमीन पर अब घनी आबादी बस गई है। 204 मकान व दुकान बन चुके है।
जहां 1500 से अधिक आबादी प्रभावित रहती है। टावर लाइन के लिए मकानों और दुकानों को तोड़ा जाएगा इसलिए स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।
बिजली व्यवस्था को सुधारने लाइन बिछाई जाएगी
डीएसपीएम प्लांट के अधिकारियों का कहना है कि शहर की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए ही प्रबंधन ने अपनी जमीन पर टॉवर लाइन बिछाने का निर्णय लिया है। यह काम ट्रांसमिशन कंपनी कराएगी।









