*कहने को तो उर्जा नगरी,लेकिन वर्षों से परेशान हैं लोग बिजली के खंभों के लिए*

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नमस्ते कोरबा :- ऊर्जा नगरी कहलाता है जिला, पर ये नजारा देखकर आप हो जाएंगे हैरान, इन बस्तियों में लोगों के घर ऐसे होते हैं रौशन… हम बात कर रहे हैं पंडित रविशंकर नगर वार्ड क्रमांक 23 से लगे दादर खुर्द बस्ती की जहां बिजली के खंभों के लिए वर्षों से लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन बिजली विभाग द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है ऐसा ही हाल वार्ड क्रमांक 23 पंडित रविशंकर शुक्ल नगर के से प्राइवेट प्लॉट के एरिया में भी है जहां मुख्य मार्ग के सड़क से बिजली का कनेक्शन घरों तक खींचा गया है,

जिले की पहचान उर्जा नगरी के रूप में है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जिले में अधिकांश मोहल्ले में बिजली की समस्या बनी हुई है। न ही बिजली के खंभे ठीक हैं और न ही ट्रांसफार्मर की व्यवस्था ठीक है।. शहर में बिजली व्यवस्था के कारण कभी भी दुर्घटना घट सकती है। बिजली के लिए लोग कोई भी जोखिम उठा लेते है। दादर खुर्द एवं पंडित रविशंकर नगर के कुछ हिस्सों में पिछले कई वर्षों से बिजली विभाग की अनदेखी के कारण लोग आधा किमी दूर से बिजली लाने के लिए मजबूर है।

बांस के बल्लियों के सहारे घरों तक बिजली तार खींचकर रौशनी कर रहे हैं।लोग इस व्यवस्था से निजात पाने के लिए कई बार नगर निगम और बिजली विभाग को भी बिजली समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई है। बस्तीवासी रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली की व्यवस्था बांस की बल्ली को खंभा बनाकर करते है। जब लोग दादर बस्ती में घुसते हैं तो बिजली तर का जाल फैला दिखाई देता है।तार जहां-तहां लटके हुए हैं।

कई जगहों पर तार काफी नीचे लटक रहे हंै। कुछ जगहों पर झाडिय़ों तक बिजली के तार झुले हुए हैं। यदि लिकेज तार जमीन या फिर झाडिय़ों को संपर्क करता है तो बारिश में करंट फैलने की आशंका रहती है। कई तार जगह-जगह से कटे हुए हैं, इससे कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।

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