नमस्ते कोरबा :- ‘छत्तीसगढ़ में मिनी आपातकाल जैसी परिस्थितियां बन गईं हैं. सीएम ने 14 से 15 पन्नों का पुलिंदा जारी किया है. इस फॉर्म को भरने के बाद ही आपको धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी. यदि कोई छोटी समस्या के लिए भी धरना करना चाहता है तो उसे यह अनुमति नहीं मिलेगी. ऐसे में मिनी आपातकाल की स्थिति निर्मित हो गई है,भाजपा पूरे प्रदेश में साेलह मई को इसके विरोध में जेल भरो आंदोलन करने जा रही है, यह काला कानून वापस नही हुआ तो और तीखा विरोध करेंगे।
राज्यसभा सदस्य और भाजपा की दिग्गज नेत्री सरोज पांडेय ने मंत्री सिंहदेव और सीएम बघेल को लेकर कहा है कि,दोनाें की तकरार खुल कर सामने आ चुकी है, और सीएम अपनी डोलती कुर्सी बचाने सरगुजा की यात्रा कर रहे हैं। बीजेपी राषट्रीय कार्यसमिति सदस्य सरोज पांडेय ने कोरबा विधायक और मंत्री जय सिंह के कलेक्टर पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप और कलेक्टर के पक्ष में कांग्रेस के ही दो विधायकों के द्वारा जारी समर्थन पत्र को लेकर सीएम बघेल को निशाने पर लेते हुए टिप्पणी की है ,
यह भूपेश जी को तय करना चाहिए कि उनका मंत्री झूठ बोलता है या कि उनके विधायक या कि उनके प्रशासनिक अधिकारी ही उनके कंट्रोल में नहीं है। मुख्यमंत्री इसमें निर्णय करें। क्योंकि उनके घर की लड़ाई है। मंत्री आरोप लगाते है,विधायक खंडन करते हैं,मुख्यमंत्री घर की लड़ाई को ही नहीं निपटा पा रहे हैं तो हम लोगों से क्या लड़ेंगे। कोरबा में चल रहे हैं लेटर बम कोरबा के विधायक सह प्रदेश के राजस्व मंत्री जय सिंहअग्रवाल और स्थानीय कलेक्टर रानू साहू के बीच सीधी जंग छिड़ी है। डीएमएफ समेत कई मुद्दाें पर कलेक्टर रानू साहू की कार्यशैली को लेकर पहले भी नाराजगी जाहिर कर चुके मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने बेहद कड़ी भाषा में पत्र खनिज विभाग के सचिव सिद्वार्थ कोमल परदेशी को लिखा है,जिसमें उन्होने बहुतेरे अभिलेख लगाए हैं और कलेक्टर रानू साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए उस पर कार्यवाही की मांग की है। पत्र में मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने लिखा है कि, यदि इस भ्रष्टाचार पर कार्यवाही नही हुई तो मैं मानूंगा कि, इसमें आपकी भी सहभागिता है। मंत्री जय सिंह अग्रवाल के पत्र के बाद कटघाेरा विधायक पुरषाेत्तम कंवर और पाली तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा के पत्र कलेक्टर रानू साहू के समर्थन में वायरल हुए,जिसमें यह दावा किया गया है कि,डीएमएफ में सब काम बेहद इमानदारी से हो रहा है,और मंत्री जय सिंह अग्रवाल द्वारा जो शिकायत की गई है,उसमें दुर्भावना प्रतीत होती है। दोनाें विधायकों के पत्र की भाषा एक सी है,दोनाें ही पत्र एक पृष्ठ के हैं, दोनाें ही पत्र खनिज विभाग के सचिव सिद्वार्थ कोमल परदेशी को संबोधित हैं। मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने पत्र 6 मई को लिखा था, जिसके बाद से ही यह खबरें थीं कि,किन्ही तीन विधायकों से संपर्क कर मंत्री जय सिंह अग्रवाल के पत्र में लिखे आरोप के खिलाफ पत्र पर हस्ताक्षर कराने की कवायद है।









