नमस्ते कोरबा :-: कोरबा में वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र पाण्डेय को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कथित 10 लाख के लेनदेन के मामले में एफआईआर के बाद से परेशान देवेंद्र पाण्डेय के मामले में कोर्ट ने राहत दी है। पाण्डेय पर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम के बेटे संदीप कंवर ने सृष्टि मेडिकल कॉलेज में सदस्य बनाने के नाम पर 20 लाख लेने व 10 लाख चेक से वापस करने की बात कहते 10 लाख ठगी करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने एक साल पुरानी इस शिकायत पर ननकीराम के दबाव के बाद एफआईआर दर्ज कर लिया था। तथ्य यह है कि जिस दौरान सृष्टि मेडिकल कॉलेज में कथित लेनदेन के मामले में एफआईआर की गई है उस अवधि में शिकायतकर्ता संदीप कंवर की मां शकुंतला कंवर संस्था की कोषाध्यक्ष थी। वहीं इस मामले में संस्था के सदस्य शिवम पाण्डेय ने स्थापना के बाद से 2020 तक कोषाध्यक्ष शकुंतला कंवर के हिसाब न देने का आरोप लगाते पुलिस अधीक्षक से अपराध दर्ज कर जांच की मांग की है। हालांकि पाण्डेय को मिली अग्रिम जमानत सशर्त है लेकिन तथ्यों के आधार पर अगर पुलिस अगर सूक्ष्म विवेचना करे तो शहर के दोनों प्रतिष्ठित परिवारों की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है।
अपनी अग्रिम जमानत पर प्रतिक्रिया देते देवेंद्र पाण्डेय ने पूरे मामले को सत्य से परे बताया है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक द्वेष की वजह से उन पर अपराध दर्ज किया गया है जबकि जिस कथित लेनदेन के बारे में कहा जा रहा है उसकी जानकारी उन्हें नहीं है अगर किसी दानदाता ने संस्था के खाते में रकम जमा कराई है तो उसका हिसाब कोषाध्यक्ष के पास रहता है और वही इसकी रसीद संबंधित को प्रदान करती है संस्था की नियमावली के मुताबिक ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे किसी को सदस्य बनाने 20 लाख की धनराशि ली जावे।
संस्था में सदस्य बनने संदीप कंवर जे आवेदन दिया था लेकिन आहर्ता पूरी नहीं करने के कारण उनको सदस्य नहीं बनाया जा सका। संस्था में किसी भी व्यक्ति को सदस्य बनने के लिए शराब या किसी भी मादक पदार्थ का सेवन नहीं करना है जबकि संदीप कंवर अपनी इस आदत को नहीं त्याग कर रहे, जिसकी जानकारी संस्था की तत्कालीन कोषाध्यक्ष व उनकी माता शकुंतला कंवर व संरक्षक ननकीराम कंवर को भी है। बावजूद दबाव की राजनीति करने उन पर अपराध दर्ज कराया गया है। “सत्य परेशान हो सकता है लेकिन परास्त नहीं”







