नमस्ते कोरबा :-: इन दिनों गर्मी की शुरुआती दौर में लोग अभी से हलाकान होने लगे हैं, जबकी यह गर्मी की शुरुआती दौर है। ब़ड़ती गर्मी को देखते हुए लोग देसी फ्रिज की खरीदी में लग गए हैं। मार्च माह की अंतिम पांच दिन छका देने वाली गर्मी है। इन दिनों दिन का पारा तकरीबन 35 डिग्री से पार हो गया है। बीते सप्ताह भर से जिले के तापमान तेजी से बढ़ा रहा है और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है।

चंदिया गांव से आए शिल्पकार चंदिया के मटके और सुराही लेकर आए हैं। मटका बेचने आए कुम्हारों का दावा है कि चंदिया के मटके में पानी पीने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। भूरी मिट्टी से तैयार इन मटकों में पानी पीने से डाइजेशन बेहतर बना रहता है। यह 25 मिनट में पानी ठंडा कर देता है।
मटका बनाने वालो का कहना है कि चार महीने के कारोबार के लिए उन्हें छह महीने कडी मेहनत एवं मशक्कत करनी पडती है। पूरे परिवार को दिन रात जुटना पडता है तब कहीं जाकर लोगों तक मटके पहुंच पाते हैं। मटकों का कारोबार सहज और सरल नहीं है उन्हें सुरक्षित रखना सबसे मुश्किल काम है। विदित हो कि मटका बनाने के लिए मिट्टी खोदने से लेकर उसे फुलाने, मथने, सुखाने, पकाने और ट्रक में लादकर बेचने ले जाने तक परिवार के हर सदस्य को अपनी जिम्मेदारी निभानी पडती है। पके पकाए घडे जब ट्रक में लादकर दूसरे शहर ले जाते है उस दौरान काफी नुकसान भी होता है। दूसरों को ठण्डा पानी पिलाने के लिए पूरा परिवार सारा दिन धूप में बिताता है। यह उनके संघर्ष की कहानी है।
कोरबा शहर में घंटाघर,महाराणा प्रताप चौक,एवं बुधवारी बाजार के पास मटके बिकने के लिए उपलब्ध है जिनकी कीमत इस बार 100 रुपए से शुरू होकर डेढ़ सौ रुपए तक है,









