नमस्ते कोरबा

बोरी में किताबें भरी देखी तो बच्चों ने उठा ली और उसे लेकर बस्ती में पहुंचे। प्राइवेट और सरकारी स्कूल में निशुल्क किताबें देने की है नीति छत्तीसगढ़ सरकार पिछले साल ही सरकारी और निजी स्कूलों के प्राइमरी से हायर सेकेंडरी तक की कक्षाओं के स्टूडेंट्स को निशुल्क पुस्तकें देने की नीति लाई है। इसे इस साल भी जारी रख गया है। शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ पुस्तकों का वितरण कर दिया जाता है। पाठ्य पुस्तक निगम ने इसके लिए डिपो की व्यवस्था की है। वहां से संकुल होकर पुस्तकें स्कूल में पहुंचती है। इसके बाद मांग के अनुरूप वितरण होता है।
अफसर बोले- असामाजिक तत्वों की करतूत, जांच कराएंगे जिला शिक्षा अधिकारी जीपी भारद्वाज ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। आप बता रहे हैं तो पता करवाते हैं। यह असामाजिक तत्वों की करतूत है। मामले की जांच कराएंगे। 6 महीने पहले नाले में बहती मिली थी स्कूल यूनिफॉर्म कोरबा में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जून में सैकड़ों की संख्या में बिलकुल नए स्कूल यूनिफॉर्म नाले में पड़े मिले थे। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम नकटीखार के पिकनिकस्थल नाले में करीब 500 की संख्या में नीले रंग के ट्यूनिक, पेंट और कमीज का गट्ठर पड़ा था। इन यूनिफॉर्म को प्राइमरी स्कूल के बच्चों को बांटा जाना था









